केजरीवाल की हिन्दू ग्रन्थ से नफरत, भगवत गीता को उपहार में लेने से किया मना

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New Delhi: अरविन्द केजरीवाल ने साफ़ कर दिया की, वो पहले तो हिन्दू नहीं है, दूसरा वो सेक्युलर भी नहीं है
क्योंकि सेक्युलर तत्व तो दिखावे के लिए हर धर्म को सम्मान देने का नाटक करते है, केजरीवाल ने साबित कर दिया की वो कट्टर हिन्दू विरोधी है
और उनके लिए हिन्दुओ के पवित्र ग्रन्थ हराम है जिन्हें वो छूना भी नहीं चाहते
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हुआ ये की चंदा बंद सत्याग्रह ( नो लिस्ट नो डोनेशन कैम्पेन) का प्रतिनिधिमंडल रविवार को दिल्ली के CM और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के बंगले पर पहुंचा, केजरीवाल का बंगला दिल्ली के सबसे महंगे इलाकों में से एक यानि सिविल लाइन्स में है।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने उन्हें भगवत गीता भेंट की, लेकिन केजरीवाल ने यह भेंट लेने से इनकार कर दिया

चंदा बंद सत्याग्रह के संजोयक मुनीष रायजादा और दो अन्य वॉलिंटियर को केजरीवाल के आवास में जाने की इजाजत दी गई, बाकी सदस्यों को बाहर ही रोक दिया गया। केजरीवाल आवास में मौजूद थे, लेकिन रायजादा और अन्य वॉलिंटियर को बहुत देर तक इंतजार कराया गया। वहीं, केजरीवाल ने उनसे गीता लेने से इनकार कर दिया।

रायजादा ने कहा की वो अरविन्द केजरीवाल को गीता इसलिए देना चाहते थे ताकि केजरीवाल उस से ज्ञान ले सकें
और आगे के कार्य कर सके, पर अरविन्द केजरीवाल ने गीता को हाथ में पकड़ने से भी इनकार कर दिया