चुनाव आते ही निकल जाती है बक्से से दादी वाली पुरानी साड़ियां, चुनाव बाद फिर बक्से में

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आपको याद होगा प्रियंका वाड्रा का एक बयान जो उन्होंने 2012 यूपी चुनावों के वक़्त दिया था
“ये दादी की साड़ी है, जो फट गयी है पर मैं इसे सील कर फिर से पहनती हूँ”

मोहतरमा साबित करना चाहती हैं कि वो अपनी दादी की अवतार हैं, खैर

उत्तर प्रदेश में 2017 में फिर से चुनाव है
और हम आपको अभी से बता देते है, जो आप लिख के रख लीजिए की वो दादी वाली पुरानी साड़ियां फिर से बक्से से निकलेंगी और यूपी में चुनाव प्रचार करेंगी

जी हां, कांग्रेस के लोग ही युवराज से परेशान है और वो बहानिया बहानिया कर रहे हैं
ये वही बहानिया है जिनके पति रोबर्ट वाड्रा है, जी वही जो लाख से अरब कुछ ही दिनों में बना दिया करते है
पर मोहतरमा ने आजतक उनको रोका है, कदाचित ये भी उसी तरह की ईमानदार हों जैसे रोबर्ट और मम्मी सोनिया जी हैं, खैर

तो 2017 में फिर से बक्से से साड़ियां निकलेंगी, वो साड़ियां अभी बक्से में ही है
चूँकि चुनाव का मौसम नहीं है, जैसे ही चुनाव आयेगा वो फटी साड़ियां निकलेंगी और चुनाव के बाद फिर से वापस बक्से में चली जाएँगी
चूँकि आगे आने वाले कई चुनावों में उसको इस्तेमाल जो करना है

क्या करे देश की जनता ही इतनी भोली है, और उसके भोलेपन का फायदा तो सदियों से उठाया जा ही रहा है, देखते है 2017 में वो जनता कुछ सीख लेकर इनको सबक सिखाती है या नहीं।

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