आखिर क्यों मोदी चाहकर भी बंगाल व केरल में राष्ट्रपति शासन नहीं लगा सकते।

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मोदी चाह कर भी बंगाल व् केरल में नहीं लगा सकते राष्ट्रपति शासन, उसका कारण भी है

पश्चिम बंगाल और केरल में हिन्दुओ पर बर्बरता से अत्याचार हो रहा है, कुछ लोग इसके लिए भी मोदी पर ही चिल्ला रहे है, लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार सोई हुई है मोदी क्यों खामोश है नहीं कर रहे कुछ

आप कदाचित पश्चिम बंगाल और केरल से वाकिफ नहीं है इसलिए ऐसी बात करते है पर अभी आप पढ़ लीजिये सब समझ आ जायेगा

नोट कीजिये पहले इन दोनों जगहों की जनसंख्या आगाज़ इंडिया न्यूज़ द्वारा इकट्ठी की गई जानकारी के अनुसार अभी :-

केरल – मुस्लमान 28%, ईसाई 20%, हिन्दू नाम पर वामपंथी 15%, हिन्दू 37%

पश्चिम बंगाल – मुसलमान 30%, ईसाई 2%, हिन्दू नाम पर वामपंथी 20%, हिन्दू 48%

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अब नरेंद्र मोदी तुरंत केरल और पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगा दें, वहां की मोजूदा सरकारों को बर्खास्त कर दें, होगा क्या ?

2-4 महीनो के बाद फिर वहां चुनाव होगा बंगाल में फिर तृणमूल जीतेगी, और केरल में फिर वामपंथी

भाइयों इन इलाकों में हिन्दू अल्पसंख्यक हो चुके है, और हिन्दू विरोधी अधिक है और जाहीर से बात है जिसके समर्थक ज़्यादा है तो चुनाव में फिर वही लोग जीतेंगे

और फिर न्यूज़ क्या बनेगा ???
जनता ने दिया मोदी को जवाब, आये थे राष्ट्रपति शासन लगाने, जनता ने मोदी को मुहतोड़ जवाब दे दिया उल्टा मोदी की ही किरकिरी हो जायेगी, केरल और पश्चिम बंगाल में इसी कारण मोदी कुछ नहीं कर सकते

केरल और बंगाल में जो हिन्दू बचे है या तो वो स्वयं उठे या सहते रहे, या फिर अब ईश्वर ही उनका मालिक है सेकुलरिज्म नामक पाप जो करेगा वो भरेगा भी और ऐसा न हो की हमारे बचे हुए राज्यों में भी ऐसी ही स्थिति बन जाए, फैसला आपका है !