मीरजापुर में अंतरराज्यीय लूट गिरोह का भंडाफोड़, चार अभियुक्त गिरफ्तार
मीरजापुर पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय लूट गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसओजी सर्विलांस, थाना अहरौरा और थाना अदलहाट की संयुक्त टीम ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जनपद में हुई लूट की घटना से जुड़े चार शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस कार्रवाई के दौरान दो अभियुक्त मुठभेड़ में घायल हुए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से 3.768 किलोग्राम पीली धातु के आभूषण, 1 लाख 46 हजार 100 रुपये नकद, एक देशी पिस्टल, दो तमंचे, जिंदा और खोखा कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त कार बरामद की गई है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चली संयुक्त कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक द्वारा जनपद में अपराध की रोकथाम और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन मनीष मिश्रा के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन शिखा भारती और क्षेत्राधिकारी चुनार मंजरी राव के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस को 18 फरवरी 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि बिलासपुर में लूट की घटना को अंजाम देने वाले अभियुक्त लूट का माल लेकर सोनभद्र सुकृत मार्ग से वाराणसी की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम सक्रिय हुई और अहरौरा क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई।
सोनवरसा नहर के पास वाहन रोककर दो आरोपी पकड़े गए
सूचना की पुष्टि के बाद अहरौरा क्षेत्र में बैरियर लगाकर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया गया। सोनवरसा नहर के पास कार संख्या सीजी 13 वी 7002 को रोका गया। वाहन में सवार दो अभियुक्तों की पहचान विनोद उर्फ बीनू प्रजापति निवासी कोटा राजस्थान और करीम खान निवासी बरेली के रूप में हुई। तलाशी के दौरान पुलिस ने 1.550 किलोग्राम पीली धातु के आभूषण बरामद किए जिनमें बड़ी संख्या में अंगूठियां, लॉकेट और बालियां शामिल थीं। इसके अलावा दो तमंचे 315 बोर, दो जिंदा कारतूस तथा 46100 रुपये नकद भी बरामद किए गए। पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने घटना में शामिल होने की बात स्वीकार करते हुए अपने दो अन्य साथियों की जानकारी दी।
लखनिया दरी जंगल में मुठभेड़ के बाद दो और गिरफ्तार
पुलिस को मिली जानकारी के आधार पर टीम लखनिया दरी जंगल क्षेत्र पहुंची। वहां संदिग्धों को घेरने का प्रयास किया गया तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा जवाबी कार्रवाई की गई जिसमें विजय लाम्बा निवासी नई दिल्ली और मोनू उर्फ राहुल उर्फ रोहित उर्फ गुडवा निवासी गौतमबुद्धनगर के पैर में गोली लगी। दोनों को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर अस्पताल भेजा गया जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 2.218 किलोग्राम पीली धातु के आभूषण, एक देशी पिस्टल 32 बोर, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और 1 लाख रुपये नकद बरामद किए।
कुल बरामदगी और दर्ज मुकदमे
चारों अभियुक्तों से कुल 3.768 किलोग्राम आभूषण, 1 लाख 46 हजार 100 रुपये नकद, एक देशी पिस्टल, दो तमंचे 315 बोर और कारतूस बरामद किए गए हैं। थाना अहरौरा में धारा 317 2 बीएनएस और 3 बटा 25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है और सभी अभियुक्तों को न्यायालय भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
बिलासपुर लूटकांड का खुलासा
पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने बताया कि 17 फरवरी 2026 को बिलासपुर छत्तीसगढ़ के राजकिशोर नगर क्षेत्र में उन्होंने एक इको कार को टक्कर मारकर रोका था। इसके बाद चालक को हथियार और लोहे की हथौड़ी से घायल कर वाहन में रखे आभूषण और नकदी लूट ली गई। घटना के बाद आरोपी लूट का माल लेकर दिल्ली की ओर जा रहे थे। मीरजापुर पुलिस की कार्रवाई से इस लूटकांड का खुलासा संभव हो सका।
मुख्य अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार विजय लाम्बा का आपराधिक इतिहास लंबा है। उसके खिलाफ दिल्ली और हरियाणा में हत्या, लूट, डकैती, चोरी, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास सहित 60 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 1990 के दशक से लेकर हाल के वर्षों तक वह विभिन्न गंभीर मामलों में आरोपित रहा है। इसी तरह मोनू उर्फ राहुल उर्फ रोहित उर्फ गुडवा के खिलाफ गौतमबुद्धनगर सहित अन्य जनपदों में लूट, हत्या के प्रयास, चोरी, एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी पेशेवर अपराधी हैं और संगठित गिरोह के साथ सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच जारी
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था और योजनाबद्ध तरीके से वाहनों को निशाना बनाकर लूट की घटनाओं को अंजाम देता था। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क, आर्थिक लेनदेन और अन्य संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटा रही है। बरामद आभूषणों की पहचान और अन्य राज्यों में दर्ज मामलों से इनके संबंधों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का आधिकारिक बयान
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि संगठित अपराध के खिलाफ यह कार्रवाई महत्वपूर्ण है और अपराधियों के प्रति सख्त रुख अपनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद में अपराध नियंत्रण और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय लूट गिरोह की गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा और आगे की विवेचना में पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
श्रोत : न्यूज रिपोर्ट

