होली के बाद आठ मार्च के आसपास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी दौरे की संभावना को लेकर तैयारियां तेज
वाराणसी में होली के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित दौरे को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर आठ मार्च के आसपास काशी आगमन की चर्चा है। अभी तक आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन हाल के दिनों में निरीक्षण और बैठकों की गति से संकेत मिल रहे हैं कि दौरे की रूपरेखा पर गंभीरता से काम चल रहा है। प्रशासन की तैयारियों में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और कार्यक्रम स्थलों की व्यवस्थाओं पर प्राथमिक ध्यान दिया जा रहा है।
पीएमओ की टीम का वाराणसी दौरा और परियोजनाओं की समीक्षा
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय की एक टीम हाल ही में वाराणसी पहुंची और स्थानीय प्रशासन के साथ विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि जिलाधिकारी और मंडलायुक्त के साथ बैठक में संभावित कार्यक्रम स्थलों और परियोजनाओं के प्रस्तुतीकरण पर मंथन हुआ। इसके बाद टीम ने निर्माणाधीन रोपवे परियोजना और वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने तकनीकी व्यवस्थाओं, संचालन की संभावनाओं और सुरक्षा मानकों की स्थिति के बारे में जानकारी ली।
रोपवे परियोजना पर विशेष फोकस और सुरक्षा मानकों की पड़ताल
प्रशासनिक हलकों में रोपवे परियोजना को शहर की महत्वपूर्ण परिवहन योजना के रूप में देखा जा रहा है। चर्चा है कि निरीक्षण के दौरान गंडोला सिस्टम, तकनीकी संचालन और सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने यह भी बताया कि रोपवे के माध्यम से यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए टिकटिंग, प्लेटफॉर्म व्यवस्था और आपातकालीन मानकों पर भी काम किया जा रहा है। अगर परियोजना को शीघ्र चालू किया जाता है तो रेलवे स्टेशन क्षेत्र से शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों और घाटों तक पहुंच को अधिक सुगम बनाया जा सकेगा।
वाराणसी कैंट स्टेशन को आधुनिक कनेक्टिविटी से जोड़ने की तैयारी
वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन शहर का प्रमुख प्रवेश द्वार माना जाता है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आते हैं। निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्र में रोपवे कनेक्टिविटी की योजना पर भी चर्चा की गई। उद्देश्य यह बताया जा रहा है कि यात्रियों को स्टेशन क्षेत्र से निकलकर शहर की ओर जाने में कम समय लगे और प्रमुख स्थानों तक पहुंच में सुविधा बढ़े। इससे सड़कों पर यातायात दबाव कम करने और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
संभावित लोकार्पण और शिलान्यास को लेकर चर्चा
प्रशासनिक स्तर पर यह चर्चा भी है कि प्रधानमंत्री के संभावित दौरे के दौरान कुछ परियोजनाओं का लोकार्पण या शिलान्यास कराया जा सकता है। शहर में कई योजनाएं अंतिम चरण में हैं, जिनमें बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और शहरी सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार अंतिम कार्यक्रम का निर्धारण पीएमओ टीम की रिपोर्ट और परियोजनाओं की तत्परता की स्थिति के आधार पर किया जाएगा। प्रशासन ने विभागवार प्रगति रिपोर्ट को अद्यतन रखने और कार्यस्थलों पर मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
वाराणसी से प्रधानमंत्री का जुड़ाव और विकास कार्यों की पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वाराणसी से विशेष जुड़ाव रहा है। उनके पूर्व दौरों में शहर में कई विकास कार्यों को गति मिली है। गंगा तट से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार, सड़कों के चौड़ीकरण, शहरी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और यातायात सुधार से जुड़ी परियोजनाएं समय समय पर चर्चा में रही हैं। इसी क्रम में इस बार भी यह संभावना जताई जा रही है कि वे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर सकते हैं और आगे की योजनाओं के लिए दिशा निर्देश दे सकते हैं। हालांकि किसी भी नई घोषणा या कार्यक्रम को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार और प्रशासन की सतर्कता
फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जारी हैं और आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यह माना जा रहा है कि जैसे ही पीएमओ की रिपोर्ट अंतिम रूप लेगी, उसके बाद दौरे की औपचारिक सूचना सामने आ सकती है। संभावित कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां और संबंधित विभाग समन्वय के साथ व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटे हैं। शहर में इस चर्चा को लेकर उत्सुकता बनी हुई है और निगाहें आधिकारिक अपडेट पर टिकी हैं।
प्रधानमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए पीएम इंडिया और नरेंद्र मोदी आधिकारिक वेबसाइट पर भी अद्यतन सूचनाएं देखी जा सकती हैं।

